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About the Book

 

"मुक्ति संग्राम: दादरा और नगर हवेली का स्वाधीनता आंदोलन" भारतीय इतिहास के एक अनकहे और अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय को उजागर करने वाली एक जीवंत ऐतिहासिक कृति है। इसमें प्रभाकर सिनारी, आज़ाद गोमंतक दल के क्रांतिकारियों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों और स्थानीय आदिवासियों के उस असाधारण साहस और एकजुटता को रेखांकित किया गया है, जिसके बल पर सिलवासा और नरोली जैसे क्षेत्रों को मुक्त कराया गया था। पुस्तक में इस रोचक तथ्य का भी उल्लेख है कि लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी जैसे महान संगीतकारों ने इस आंदोलन के लिए धन जुटाने  हेतु संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया था।

 

About the Author

 

नीलेश कुलकर्णी समकालीन भारतीय लेखक, उद्यमी, कवि, रंगकर्मी, वॉइस-ओवर कलाकार और यात्रा-प्रेमी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन संकाय से शिक्षा प्राप्त की और लंबे समय से अपना व्यवसाय भी संचालित कर रहे हैं। साहित्य, इतिहास, संस्कृति और भारतीय परंपराओं में उनकी विशेष रुचि रही है।

 

नीलेश कुलकर्णी प्रबंधन में स्नातक हैं और एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं-वे उद्यमी, कवि, रंगकर्मी, वॉइसओवर कलाकार और सार्वजनिक बोलने व रचनात्मक लेखन के कोच भी हैं। उन्होंने क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में भी काम किया है। 

 

उनकी पहली चर्चित पुस्तक "In the Footsteps of Rama: Travels with the Ramayana" (सह-लेखक: विक्रांत पांडे) है, जिसमें रामायण से जुड़े स्थानों की यात्रा और उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा धार्मिक महत्व का रोचक वर्णन किया गया है। इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद "राम के पथ पर: रामायण के संग" भी काफी सराहा गया।

 

 

 

Mukti Sangram (मुक्ति संग्राम - दादरा और नगर हवेली का स्वाधीनता आंदोलन)

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