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About the Book

“कभी मुलाक़ातें सिर्फ़ समाप्त नहीं होतीं, वो अक्सर किसी की शुरुआत होती हैं...”

सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक साधारण मुलाक़ात कब अंतरराष्ट्रीय प्रेम की अद्भुत गाथा बन गई, यह न तो कहानियों के समयक्रम और न ही तर्कशक्ति की सीमाओं में बंध सकती है। प्रोफेसर, लेखक, और शोधकर्ता जीवन की व्यस्तताओं के बीच एक अद्भुत, अविस्मरणीय और आत्मीय संबंध की ओर बढ़ते हैं।

निरंतर संस्कृतियों, बर्फीली खामोशियों और कॉफ़ी की महक से भरे वातावरण में पनपा यह रिश्ता, एक अनकहे आकर्षण का प्रतीक है। यह आकर्षण सिर्फ़ मन का नहीं था—यह आत्मा की गहराइयों तक उतर गया। यह कहानी सिर्फ़ दो अजनबियों की नहीं, बल्कि उन सभी की है, जिन्होंने कभी अनजाने में अपने जीवन में गर्माहट महसूस की है।

कभी-कभी जीवन की भीड़ में कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाता है, जो सब कुछ बदल देता है। यह वही मुलाक़ात है—जिसने दोस्ती, स्नेह और साथ के मायनों को बदल दिया।

 

About the Author

यह कहानी एक संवाद है —
संस्कृतियों, सभ्यताओं और आत्मा की मासूमियत के बीच।
कभी-कभी हम सोचते हैं,
जब रिश्तों में चुप्पी हो, जब दोस्तियों में दूरियाँ बढ़ जाएँ,
जब जामों में शराब उतरने लगे और
यादों की परछाइयाँ घेरने लगें,
तो कई कहानियाँ जन्म लेती हैं।

  • डॉ. यतीश शर्मा
    एक प्रेम को समर्पण, जिसे जीवन ने सिखाया।

एक शाम मॉस्को की — बर्फ में सिमटी गर्माहट

₹255.00Price
Quantity
  • ISBN 978-81-987903-8-5
    Binding Paperback
    Genre Fiction
    Pages 135
    Year 2025

     

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