About the Book
यह पुस्तक प्रेरणादायक, मार्मिक संवेदनाओं का संग्रह हैI
हर मन मस्तिष्क में कल्पनाओं और यथार्थ में भ्रामक स्थिति होती है, इसी ऊहापोह की यात्रा से गुजर कर इस कृति का सृजन हुआ है। इसमें मानवीय पहलू से लेकर विभिन्न. .प्रकार के भावों, उन्मादो और आभासो का समन्वय है। मुझे पूरा विस्वास है कि पाठकगण अवश्य ही इस भाव चित्रण से स्वयं को जुड़ा हुआ पाएंगे।
About the Author
अर्चना गुप्ता वर्तमान में गृहणी है परन्तु साहित्य से लगाव बचपन से ही था I
प्रेमचंद के उपन्यासों से लेकर मैक्ससीम गोर्की के उपन्यासों को पढ़ा औरउनके मार्मिक वर्णन से बहुत प्रभावित हुईI जिनका साफ़ असर उनकी कविताओं में झलकता हैl सक्रिय सैन्य सेवा के दौरान भी अपने रूचि कोजीवित रखा | इसी के फलस्वरूप अपनी बिखरी और भूली बिसरी छुटपुट रचनाओं को एकत्रित कर, प्रथम काव्य कोष के रूप में प्रस्तुत करने की चेष्टा की है l
top of page
₹230.00Price
bottom of page

