About the Book
"शुक्रिया बोगनविलिया" सिर्फ़ कविताओं का संकलन नहीं, भावनाओं का गुलदस्ता है। इसमें रिश्तों की नज़ाकत, इश्क़ की मिठास, स्त्री विमर्श, पुरुषों की भावनाएं और जीवन के अनछुए पहलुओं की गहराई है। सरल भाषा में लिखी ये कविताएँ आपकी भावनाओं को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती हैं और जीवन के हर पल को शब्दों में ढालकर विशेष बनाती हैं । आइए, महसूस करें—शब्दों में ढले जज़्बात शुक्रिया बोगनविलिया के साथ।.
About the Author
जीव रसायन में स्नातकोत्तर (गोल्ड मेडलिस्ट) नित्या शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय युवा पुरस्कार (रासेयो) और भारत स्काउट गाइड राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं, और समाज व साहित्य में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए जानी जाती हैं।
काव्य और लेखन में उत्कृष्टता के लिए पोएट्री सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कविता प्रतियोगिता की वह विजेता रही हैं और साथ ही साहित्य में उनके योगदान के लिए बृज भूमि फाउंडेशन द्वारा राजस्थान की 51 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में उनका नाम शामिल है।
वे सैन्य अधिकारी की गर्वित अर्धांगिनी हैं और इस भूमिका के साथ आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय योगदान देती रही हैं। उनकी कई कविताएँ और कहानियाँ साझा काव्य संग्रहों और अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके द्वारा अनुवादित तीन किताबों का विमोचन विश्व पुस्तक मेला दिल्ली में हो चुका है। यह उनकी कविताओं की पहली पुस्तक है।
संपादन के क्षेत्र में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, उन्होंने जयपुर से प्रकाशित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय हिंदी साहित्यिक पत्रिका में सह-संपादक के रूप में कार्य किया है| विगत तीन वर्षों से वे हाइब्रो स्क्राइब्स प्रकाशन समूह, दिल्ली में संपादक और हिंदी सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।
उनका मानना है कि हिंदी के प्रति प्रेम ही उनकी लेखनी की गति है।

